हैदराबाद univercity के 400 एकड़ की ज़मीं पर 700 तरह के पौधे , 10 तरह के रेंगने वाले हज़ारो जानवर और 200 से ज़ादा पक्षी के घर थे , जिन्हे एक रात में उजाड़ दिया गया , वो रात भर रोते रहे चीखते रहे पर उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था।

हैदराबाद univercity की 400 एकड़ की ज़मीन पर तिलंगाना सरकार IT पार्क बनाना चाहती है , आज कई स्टूडेंट उस ज़मीन बचने के लिए प्रोटेस्ट कर रहे है , पर पुलिस उन्हें वहा के घसीट कर लेजा रही है , ताकि बुलडोज़र अपना काम कर सके , तेलंगाना सरकार ने तो यहाँ तक कहा की इस एरिया में कोई जानवर है ही नहीं , जिस का जवाब देते हुए हैदराबाद univercity ने बताया की वहा 700 तरह के पौधे , 10 तरह के रेंगने वाले हज़ारो जानवर और 200 से ज़ादा पक्षी रहते है , यहाँ तक की ये जगह हमारे राष्ट्र पक्षी मोर का प्राकर्तिक वास् है , तेलंगाना सरकार का कहना है की ये जगह उनकी है जिसे उन्होंने काफी सालो की legal batle के बाद फिर से ले लिया है। आप को बता दे की 1970 में तेलंगाना सरकार ने 2300 एकड़ ज़मीन हैदराबाद univercity को दी थी पर उस टाइम पर इसे officialy univercity के नाम नहीं किया गया था , जिस के चलते 2004 में ये ज़मीन सरकारी कागज़ो में फस गई थी , पर आखिर में तिलंगाना सरकार ये केस जीत गई।

ये बात सच है की ये ज़मीन तिलंगाना सरकार की है , पर क्या ये बात सही है की हम उनके घर उजाड़ दे जो हम से कुछ केहे नहीं सकते , उनके पास वहा से भागने के अलावा कोई चारा नहीं है ,पर क्या ये हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता की हम उनके दर्द को समझे , अगर दूसरे देश में बड़ी इमारते है तो क्या ये ज़रूरी है की हम भी बेज़ुबानों के घर को तोड़ कर वहा अपना घर बनाए।

