भारत बंद: 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के गठबंधन ने विभिन्न किसान और ग्रामीण श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर मंगलवार, 9 जुलाई को केंद्र की नीतियों के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसके बारे में उनका आरोप है कि ये नीतियां श्रमिकों और किसानों की कीमत पर कॉरपोरेट्स को लाभ पहुंचाती हैं।
‘भारत बंद’ के नाम से बुलाए गए इस दिन भर के बंद का असर देश भर के कई क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है। आयोजकों ने सरकार पर “श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक” नीतियों को लागू करने का आरोप लगाया है, जिसके कारण कई राज्यों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और नाकेबंदी की गई है।

हालांकि हड़ताल को आधिकारिक तौर पर राज्य प्रशासनों का समर्थन नहीं है, लेकिन इसका असर कई इलाकों में महसूस किए जाने की उम्मीद है, खासकर उन इलाकों में जहां भाग लेने वाले यूनियनों की मजबूत उपस्थिति है। क्या स्कूल और कॉलेज खुले रहेंगे? अभी तक, 9 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के संबंध में कोई सरकारी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। स्कूल, कॉलेज और निजी कार्यालय खुले रहने की उम्मीद है। हालांकि, यातायात अवरोधों और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यवधान की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां बंद में सक्रिय भागीदारी देखी गई है।
अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे संचालन के बारे में नवीनतम अपडेट के लिए स्थानीय स्कूल प्रशासन या जिला अधिकारियों के संपर्क में रहें, खासकर उन शहरों या जिलों में जो मजबूत यूनियन गतिविधि के लिए जाने जाते हैं।


Nice information